Sunday, 27 November 2022

विद्वस् ( पुल्लिंग )

 विद्वस् ( पुल्लिंग ) शब्द रूप 

यथानिर्देशम् उचितविभक्तिम् प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुर्णम् कुरुत | 

01. " विदुषे " अत्र का विभक्ति: ? 

(अ) चतुर्थी  (ब) द्वितीया (स) पञ्चमी (द) तृतीया 

02. " विदुष: " अत्र का विभक्ति: ?

(अ) प्रथमा (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) चतुर्थी 

03.  " विद्वद्भ्याम् " अत्र का विभक्ति: ?

(अ) चतुर्थी  (ब) पञ्चमी (स) तृतीया  (द) न कोsपि 

04. " विद्वस् " इत्यस्य तृतीया एकवचनम् किम् भवति ?

(अ) विदुष: (ब)  विदुषा  (स) विद्वत्सु  (द) विदुषाम्  

05.  " विद्वस् " इत्यस्य षष्ठी द्विवचनम् किम् भवति ?

(अ) विदुष: (ब)  विदुषि (स) विदुषो: (द) विदुषाम् 

अब आप इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिये निम्नलिखित " विद्वस्  " शब्द के " पुल्लिंग " शब्दरूप याद करने बहुत ही जरूरी है | 

विभक्ति     एकवचनम्    द्विवचनम्    बहुवचनम् 

प्रथमा        विद्वान्          विद्वांसौ         विद्वांस: 

द्वितीया      विद्वांसम्        विद्वांसौ        विदुष:

तृतीया       विदुषा          विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भि: 

चतुर्थी        विदुषे           विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भ्य: 

पञ्चमी      विदुष:           विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भ्य:

षष्ठी          विदुष:           विदुषो:         विदुषाम्

सप्तमी       विदुषि           विदुषो:         विद्वत्सु 

संबोधन    हे विद्वद् !      हे विद्वांसौ      हे विद्वांस: ! 
ठक् प्रत्यय के लिये क्लिक करें 


Tuesday, 15 November 2022

Sanskrit Syllabus of class 10 ( 2022-23 )

           पाठ्यक्रम ( syllabus ) 2022-23 

         Class - X ( Sanskrit Cod - 122 )

                  ( For CBSE Board Exam ) 

                             व्याकरणम्   

01. संधि: - 

व्यञ्जन संधि: - वर्ग के प्रथम वर्ण को तृतीय वर्ण , वर्ग के प्रथम वर्ण को पंचम वर्ण  | 

विसर्ग संधि: - उत्व संधि: , रत्व संधि: , विसर्ग का लोप , विसर्ग के स्थान पर श् , ष् , स्   

02. प्रत्यया:

तद्धित प्रत्यय: - मतुप् , ठक् , त्व , तल् |

स्त्रीप्रत्यय: - टाप् , ङीप् |

03. समास :-

तत्पुरुषसमास ( द्वितीया से सप्तमी पर्यन्त ) | 

अव्ययीभाव समास ( अनु , उप , सह , नीर् , प्रति , यथा ) | 

बहुब्रीहि समास , 

द्वंद समास  

04. अव्ययपदानि :- 

उच्चै: , च , श्व: , ह्य:, अद्य,अत्र , तत्र , यत्र , कुत्र , इदानीम् , अधुना , सम्प्रति , यदा , तदा , कदा , सहसा , वृथा , शनै: , अपि , कुत: इतस्ततः , यदि - तर्हि , यावत् - तावत् , 

(वाक्य प्रयोग ) | 

05. समय:  - सपाद - सार्ध - पादोन  

06. वाच्य परिवर्तनम् : - कर्तृ - कर्म - क्रिया ( केवल लट् लकारे ) 

वाच्य समझने के लिए क्लिक करें - 

07. पत्र लेखनम् :- 

मंजूषा - सहायतया औपचारिक - अनौपचारिकं पत्र लेखनं | 

08. अशुद्धि संशोधनम् :- 

वचन - लिंग - पुरुष - विभक्ति | 

09. अनुच्छेद लेखनम् |

10. चित्रवर्णनम्

11. अनुवाद: 

 हिंदी से संस्कृत में ( पांच वाक्य ) | 

12. अपठित अवबोधनम् |


Youtube पर समझने के लिये क्लिक करें -  

            ( पाठा: )

13. प्रथम: पाठ: - शुचिपर्यावरणम् |

14. द्वितीयपाठ: - बुद्धिर्बलवती सदा |

15. चतुर्थपाठ: - शिशुलालनम् |

16. पंचमपाठ: - जननी तुल्यवत्सला | 

17. षष्ठपाठ: - सुभाषितानि |

18. सप्तमपाठ: - सौहार्दप्रकृते : शोभा |

19. अष्टमपाठ: - विचित्र: साक्षी | 

20. नवम: पाठ: - सूक्तय: | 

21. द्वादश: पाठ: - अन्योक्तय: | 


Friday, 11 November 2022

राजन् शब्दरूप

 राजन् ( नकारान्त पुल्लिंग ) शब्द रूप 

यथानिर्देशम् उचितविभक्तिम् प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुर्णम् कुरुत | 

01. "राजान: " अत्र का विभक्ति: ? 

  (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) पञ्चमी (द) तृतीया 

02. " राज्ञ: " अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) चतुर्थी 

03.  " राज्ञो: " अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) षष्ठी  (द) तृतीया

04. " राजा " अत्र का विभक्ति: ?

Video के द्वारा समझने के लिए यहां क्लिक करें 

   (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) षष्ठी  (द) तृतीया 

05. " राजसु "  अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) सप्तमी  (स) षष्ठी  (द) तृतीया 

अब आप इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिये निम्नलिखित " राजन् " शब्द के शब्दरूप याद करने बहुत ही जरूरी है | 

विभक्ति     एकवचनम्    द्विवचनम्    बहुवचनम् 

प्रथमा         राजा           राजानौ      राजान: 

द्वितीया       राजानम्      राजानौ      राज्ञ: 

तृतीया         राज्ञा           राजभ्याम्   राजभि: 

चतुर्थी         राज्ञे             राजभ्याम्   राजभ्य: 

पञ्चमी       राज्ञ:            राजभ्याम्   राजभ्य:

षष्ठी           राज्ञ:             राज्ञो:         राज्ञाम्

सप्तमी       राजनि          राज्ञो :         राजसु

संबोधन      हे राजन् !     हे राजानौ !  हे राजान: ! 


Sunday, 6 November 2022

Sanskrit Syllabus Class IX 2022-23 ( II Term )

 पाठ्यक्रम ( syllabus ) 2022-23 

     Class - IX ( Sanskrit Cod - 122 )

                  ( Second Term ) 

                      व्याकरणम्   

01. संधि : 

    व्यञ्जन संधि: - जशत्व संधि: ,  " म् " स्थाने अनुस्वार: | 

     विसर्ग संधि: - उत्व संधि: , रत्व संधि: | 

02. प्रत्यया: - क्तवतु , शतृ , शानच्  | 

03. शब्दरूपाणि :

राजन् , भवत् , विद्वस् , गुणिन् , अस्मद् , युष्मद् , तत् , इदम् , किम् ( त्रिषु लिंगेषु ) 

04. धातुरूपाणि : - दा , क्री , श्रु , पा , सेव् , लभ् | 

05. कारक - उपपद - विभक्तय:

        पञ्चमी : - विना , बहि , भी , रक्ष् , ऋते | 

        षष्ठी : - उपरि , अध: , पुरत: , पृष्टतः , निर्धारणे | 

        सप्तमी : - स्निह् , निपुण , विश्वस् , पटु | 

06. उपसर्गा: - नि , अधि , अपि , अति , सु , उत् , अभि , प्रति , परि , उप | 

                         ( लेखनकौशल ) 

07. पत्र लेखनम् : - विना रिक्तस्थान सहायतया अनौपचारिकं पत्र लेखनं | 

08. संख्या : - 01 - 100 पर्यन्तम् अंकानां शब्देषु लेखनं | 

           Click here :- हिंदी से संस्कृत में अनुवाद का वीडियो मिलेगा | 

09. अनुच्छेद लेखनम् |

10. चित्रवर्णनम् | 

11. अनुवाद: | 

12. अपठित अवबोधनम् | 

            ( पाठा: )

13. नवम: पाठ: - सिकतासेतु: | 

14. दशम: पाठ: - जटायो: शौर्यम् |

15. एकादश पाठ: - पर्यावरणम् | 

16. द्वादशपाठ: - वाङ्मन: प्राणस्वरूपम् | 

** प्रश्न निर्माण | 

** विलोम पदानि |

** पर्याय पदानि | 


विद्या आधारित श्लोक

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