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Tuesday, 4 October 2022

संधि की परिभाषा व भेद

                                                 सन्धि                                      

संधि शब्द की व्युत्पत्ति :-  " सम् " उपसर्ग पूर्वक " डुधाञ् " (धा ) धातु के " कि " (उपसर्गे धो: कि ) प्रत्यय का प्रयोग करने से  " संधि " शब्द की व्युत्पत्ति होती है | 

संधि की परिभाषा :- " वर्णसंधानं संधि: " | संधानम् = मेलनम् | अर्थात् दो वर्णो के मेल को संधि कहते है | 

महर्षि पाणिनि के अनुसार परिभाषा :- " पर: सन्निकर्ष: संहिता " अर्थात् वर्णों के अत्यन्त सामिप्यता को संधि कहते हैं | 


सामान्य परिभाषा :- दो वर्णो के मेल से उत्पन्न विकार को संधि कहते हैं | 

संधि के प्रकार :- संधि तीन प्रकार की होती है - 1. स्वर संधि ( अच् संधि ) , 2. व्यञ्जन संधि ( हल् संधि ) , 3. विसर्ग संधि | 

1. स्वर संधि 

परिभाषा :- दो स्वरों के मेल से उत्पन्न विकार को स्वर संधि कहते हैं | 

भेद :- स्वर संधि के मुख्यतया पांच भेद होते हैं तथा तीन अवान्तर भेद होते है :- 1. दीर्घ , 2. गुण , 3. वृद्धि , 4. यण् , 5. अयादि | इनके अलावा 6. पूर्वरूप , 7. पररूप , 8. प्रकृति भाव | 

2. व्यञ्जन संधि 

परिभाषा :- दो व्यंजनों के मेल से या एक व्यंजन और स्वर के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन संधि कहते हैं | 

भेद :- व्यंजन संधि के कोई निश्चित भेदों की संख्या नहीं होती हैं :- श्चुत्व , ष्टुत्व , जशत्व , चर्त्व , अनुनासिक , पूर्वसवर्ण , परसवर्ण , अनुस्वार , ङमुडागम , तुगागम , छत्व इत्यादि | 

3. विसर्ग संधि 

परिभाषा :- स्वर या व्यंजन के प्रभाव से विसर्ग में जो परिवर्तन होता है तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं | 

भेद :- विसर्ग संधि के कोई निश्चित भेदों की संख्या नहीं होती हैं :- सत्व , रुत्व ,उत्व , विसर्ग लोप इत्यादि | 

                     सन्धि 

       __________|________________

      |                |                            |                                                              

 स्वर संधि           व्यञ्जन संधि          विसर्ग संधि 

1. दीर्घ               1. श्चुत्व                1. सत्व 

2. गुण                2. ष्टुत्व                2. रुत्व 

3. वृद्धि               3. जशत्व             3. उत्व 

4. यण्                4. चर्त्व                4. विसर्ग लोप   

5. अयादि            5. अनुनासिक 

6. पूर्वरूप           6. पूर्वसवर्ण 

7. पररूप           7. परसवर्ण 

8.प्रकृति भाव       8. अनुस्वार 

                         9. ङमुडागम 

                        10. तुगागम 

                        11. छत्व 


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