वाच्य परिवर्तनम् ( लट् लकार में )
वाच्य को english में voice कहते हैं | वाच्य तीन प्रकार का होते है :-
01. कर्तृवाच्य ( Active voice )
02. कर्मवाच्य (Passive voice )
03. भाववाच्य ( Impersonal voice )
01. कर्तृवाच्य :- इसमे कर्ता की प्रधानता होती है | कर्ता के अनुसार क्रिया के पुरुष , वचन , लिंग , एवं विभक्ति में परिवर्तन होता है |
विशेष:- कर्ता में प्रथमा विभक्ति कर्म में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है |
02. कर्मवाच्य :- इसमे कर्म की प्रधानता होती है | कर्म के अनुसार क्रिया के पुरुष , वचन , लिंग , एवं विभक्ति में परिवर्तन होता है |
विशेष:- कर्ता में तृतीया विभक्ति कर्म में प्रथमा विभक्ति का प्रयोग होता है |
03. भाववाच्य :- इसमे भाव प्रधान होता है | क्रिया हमेशा नपुंसकलिंग एकवचन या प्रथम पुरुष एकवचन में ही होती है |
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वाच्य परिवर्तनम् कुरुत :- [ CBSE 2014 ]
देवांश: - मित्र ! त्वं कुत्र ( i ).............?
हृदय: - मित्र ! ( ii ) .......... तु पुस्तकालयं गम्यते |
देवांश: - ( iii ).........अपि त्वया सह चलामि |
हृदय: - आगच्छ ! शीघ्रं एव आवां चलाव: |
देवांश: - आम् ! त्वया कीदृशम् पुस्तकं ( iv ) ..........|
हृदय: - मया ज्ञानवर्धनं ( v ) ........... पठ्यते |
देवांश: - शोभनम् | त्वमपि शोभनं बाल: अस्ति |
उत्तराणि :- 01. गच्छसि , 02. मया , 03. अहम् , 04. पठ्यते , 05. पुस्तकं
कर्तृवाच्य :- बालकः विद्यालयं गच्छति |
कर्मवाच्य :- बालकेन विद्यालय: गम्यते |
कर्तृवाच्य :- बालका: विद्यालयं गच्छन्ति |
कर्मवाच्य :- बालकै: विद्यालय: गम्यते |
कर्तृवाच्य :- अशोक: क्रीडां करोति |
कर्मवाच्य :- अशोकेन क्रीडा क्रियते |
कर्तृवाच्य :- वयं चलचित्रं द्रष्टुम् गच्छामः |
कर्मवाच्य :- अस्माभि: चलचित्रं द्रष्टुं गम्यते |
कर्तृवाच्य :- माता पिता च फलानि आनयतः |
कर्मवाच्य :- मातृ-पितृभ्याम् फलानि आनीयन्ते |
कर्तृवाच्य :- यूयं लेखं लिखथ |
कर्मवाच्य :- युष्माभि: लेख: लिख्यते |
कर्तृवाच्य :- स: इत: बसयानेन जयपुरम् गच्छति |
कर्मवाच्य :- तेन इत: बसयानेन जयपुरं गम्यते |
कर्तृवाच्य :- अध्यापिका सुधाखंडेन उत्तरं लिखति |
कर्मवाच्य :- अध्यापिकया सुधाखंडेन उत्तरं लिख्यते |
कर्तृवाच्य :- पिता पुत्रेण सह आपणं गच्छति |
कर्मवाच्य :- पित्रा पुत्रेण सह आपणं गम्यते |