Friday, 9 December 2022

रुत्व ( रत्व ) सन्धि की परिभाषा व उदाहरण // उत्व सन्धि की परिभाषा और उदाहरण

            विसर्ग संधि: 

                       विसर्ग संधि: 
                            |
....................................................
|                |                |                       | 
उत्व    रुत्व (रत्व)   विसर्गस्य लोप:     सत्व    

 
01. उत्व सन्धि: :- ( i ) अतो रोरप्लुतादप्लुते :- यदि विसर्ग से पहले " अ " हो और विसर्ग के बाद " अ " हो तो विसर्ग को " उ " आदेश हो जाता है एवं प्रथम " अ " और " उ " मिलकर " ओ " हो जाता है | तथा विसर्ग के बाद वाले " अ " को अवग्रह ( S ) हो जाता है | 
( ii ) हशि च :-  यदि विसर्ग से पहले " अ " हो और विसर्ग के बाद किसी भी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ अथवा य , र , ल , व  हो तो विसर्ग को "उ " आदेश हो जाता है तथा प्रथम " अ " और " उ " मिलकर "ओ " हो जाता है | 


01. अ + : + अ = अ + उ + अ = ओS 

02. अ + : + वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ अथवा य , र , ल , व  = अ + उ + वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ अथवा य , र , ल , व = ओ 

उदहरणानि :- ( यहाँ पर " S " जो है इसे अवग्रह कहते है इसकी Sound " अ " की ही होती है |  


उत्व सन्धि को विडियो द्वारा समझने के लिए यहां क्लिक करें 

प्रथम: + अध्याय = प्रथमोSध्याय: 
मन: + अस्ति  = मनोSस्ति 
श्याम: + अपि = श्यामोSपि 
देव: + अधुना  = देवोSधुना 
स: + अहम्     = सोSहम् 
क: + अपि      = कोSपि 
शिव: + वन्द्य   = शिवोवंद्य:  
मन: + रथ       = मनोरथ: 
मन: + हर:      = मनोहर: 
यश: + गानम्  = यशोगानम् 
देव: + गच्छति = देवोगच्छति 
राम: + हसति  = रामोहसति 
रज: + गुण:    = रजोगुण:  


 क्लिक करके एक बार इस विडियो को जरूर देखें ।

( 02 ) रुत्व ( रत्व सन्धि ) :- यदि विसर्ग से पहले अ , आ से भिन्न स्वर हो तथा विसर्ग के बाद किसी भी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ अथवा य , र , ल , व  हो तो विसर्ग को " र् " आदेश हो जाता है | 
उदाहरणानि :- 
नि: + बल:     = निर्बल: 
मुनि: + अयम् = मुनिरयम् 
पितु: + इच्छा  = पितुरिच्छा 
वधू: + इव      = वधूरिव 
गुरु: + भवति  = गुरुर्भवति 
पितु: + आज्ञा = पितुराज्ञा 
रवि: + उदेति  = रविरुदेति 
चक्षु: + दानम् = चक्षुर्दानम् 


Friday, 2 December 2022

अस्मद् ( सर्वनाम शब्द )

 अस्मद् ( मैं ) सर्वनाम शब्द 

यथानिर्देशम् उचितविभक्तिम् प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुर्णम् कुरुत | 
01. " अस्मत् " अत्र का विभक्ति: ? 

(अ) चतुर्थी  (ब) द्वितीया (स) पञ्चमी (द) तृतीया                                                  

02. " मयि " अत्र का विभक्ति: ? 

 (अ) सप्तमी (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) चतुर्थी                                                  

03.  " अस्मभ्यम् " अत्र का विभक्ति: ?

 (अ) चतुर्थी  (ब) पञ्चमी (स) तृतीया  (द) न कोsपि                                              

 04. " अस्मद्  " इत्यस्य तृतीया एकवचनम् किम् भवति ?

   (अ) माम्  (ब)  मह्यम्  (स) मया  (द) मम                                                            

05.  " अस्मद् " इत्यस्य षष्ठी द्विवचनम् किम् भवति ? 

 (अ) आवाम्  (ब) आवाभ्याम् (स) आवयो:  (द) मम  

Youtube channel पर अशुद्धि संशोधन प्रश्न पत्र के लिए क्लिक करें 
अब आप इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिये निम्नलिखित " अस्मद् " ( सर्वनाम शब्द ) शब्दरूप याद करने बहुत ही जरूरी है | 

विभक्ति  एकवचनम्    द्विवचनम्      बहुवचनम् 

प्रथमा      अहम्            आवाम्           वयम् 


द्वितीया    माम्                "   "            अस्मान्

तृतीया     मया               आवाभ्याम्     अस्माभि: 

चतुर्थी      मह्यम्              "      "         अस्मभ्यम्

पञ्चमी    मत्                  "      "         अस्मत् 

षष्ठी         मम                आवयो:          अस्माकम् 

सप्तमी     मयि                "      "          अस्मासु 

Sunday, 27 November 2022

विद्वस् ( पुल्लिंग )

 विद्वस् ( पुल्लिंग ) शब्द रूप 

यथानिर्देशम् उचितविभक्तिम् प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुर्णम् कुरुत | 

01. " विदुषे " अत्र का विभक्ति: ? 

(अ) चतुर्थी  (ब) द्वितीया (स) पञ्चमी (द) तृतीया 

02. " विदुष: " अत्र का विभक्ति: ?

(अ) प्रथमा (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) चतुर्थी 

03.  " विद्वद्भ्याम् " अत्र का विभक्ति: ?

(अ) चतुर्थी  (ब) पञ्चमी (स) तृतीया  (द) न कोsपि 

04. " विद्वस् " इत्यस्य तृतीया एकवचनम् किम् भवति ?

(अ) विदुष: (ब)  विदुषा  (स) विद्वत्सु  (द) विदुषाम्  

05.  " विद्वस् " इत्यस्य षष्ठी द्विवचनम् किम् भवति ?

(अ) विदुष: (ब)  विदुषि (स) विदुषो: (द) विदुषाम् 

अब आप इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिये निम्नलिखित " विद्वस्  " शब्द के " पुल्लिंग " शब्दरूप याद करने बहुत ही जरूरी है | 

विभक्ति     एकवचनम्    द्विवचनम्    बहुवचनम् 

प्रथमा        विद्वान्          विद्वांसौ         विद्वांस: 

द्वितीया      विद्वांसम्        विद्वांसौ        विदुष:

तृतीया       विदुषा          विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भि: 

चतुर्थी        विदुषे           विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भ्य: 

पञ्चमी      विदुष:           विद्वद्भ्याम्    विद्वद्भ्य:

षष्ठी          विदुष:           विदुषो:         विदुषाम्

सप्तमी       विदुषि           विदुषो:         विद्वत्सु 

संबोधन    हे विद्वद् !      हे विद्वांसौ      हे विद्वांस: ! 
ठक् प्रत्यय के लिये क्लिक करें 


Tuesday, 15 November 2022

Sanskrit Syllabus of class 10 ( 2022-23 )

           पाठ्यक्रम ( syllabus ) 2022-23 

         Class - X ( Sanskrit Cod - 122 )

                  ( For CBSE Board Exam ) 

                             व्याकरणम्   

01. संधि: - 

व्यञ्जन संधि: - वर्ग के प्रथम वर्ण को तृतीय वर्ण , वर्ग के प्रथम वर्ण को पंचम वर्ण  | 

विसर्ग संधि: - उत्व संधि: , रत्व संधि: , विसर्ग का लोप , विसर्ग के स्थान पर श् , ष् , स्   

02. प्रत्यया:

तद्धित प्रत्यय: - मतुप् , ठक् , त्व , तल् |

स्त्रीप्रत्यय: - टाप् , ङीप् |

03. समास :-

तत्पुरुषसमास ( द्वितीया से सप्तमी पर्यन्त ) | 

अव्ययीभाव समास ( अनु , उप , सह , नीर् , प्रति , यथा ) | 

बहुब्रीहि समास , 

द्वंद समास  

04. अव्ययपदानि :- 

उच्चै: , च , श्व: , ह्य:, अद्य,अत्र , तत्र , यत्र , कुत्र , इदानीम् , अधुना , सम्प्रति , यदा , तदा , कदा , सहसा , वृथा , शनै: , अपि , कुत: इतस्ततः , यदि - तर्हि , यावत् - तावत् , 

(वाक्य प्रयोग ) | 

05. समय:  - सपाद - सार्ध - पादोन  

06. वाच्य परिवर्तनम् : - कर्तृ - कर्म - क्रिया ( केवल लट् लकारे ) 

वाच्य समझने के लिए क्लिक करें - 

07. पत्र लेखनम् :- 

मंजूषा - सहायतया औपचारिक - अनौपचारिकं पत्र लेखनं | 

08. अशुद्धि संशोधनम् :- 

वचन - लिंग - पुरुष - विभक्ति | 

09. अनुच्छेद लेखनम् |

10. चित्रवर्णनम्

11. अनुवाद: 

 हिंदी से संस्कृत में ( पांच वाक्य ) | 

12. अपठित अवबोधनम् |


Youtube पर समझने के लिये क्लिक करें -  

            ( पाठा: )

13. प्रथम: पाठ: - शुचिपर्यावरणम् |

14. द्वितीयपाठ: - बुद्धिर्बलवती सदा |

15. चतुर्थपाठ: - शिशुलालनम् |

16. पंचमपाठ: - जननी तुल्यवत्सला | 

17. षष्ठपाठ: - सुभाषितानि |

18. सप्तमपाठ: - सौहार्दप्रकृते : शोभा |

19. अष्टमपाठ: - विचित्र: साक्षी | 

20. नवम: पाठ: - सूक्तय: | 

21. द्वादश: पाठ: - अन्योक्तय: | 


Friday, 11 November 2022

राजन् शब्दरूप

 राजन् ( नकारान्त पुल्लिंग ) शब्द रूप 

यथानिर्देशम् उचितविभक्तिम् प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुर्णम् कुरुत | 

01. "राजान: " अत्र का विभक्ति: ? 

  (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) पञ्चमी (द) तृतीया 

02. " राज्ञ: " अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) तृतीया (स) पञ्चमी (द) चतुर्थी 

03.  " राज्ञो: " अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) षष्ठी  (द) तृतीया

04. " राजा " अत्र का विभक्ति: ?

Video के द्वारा समझने के लिए यहां क्लिक करें 

   (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) षष्ठी  (द) तृतीया 

05. " राजसु "  अत्र का विभक्ति: ?

   (अ) प्रथमा (ब) सप्तमी  (स) षष्ठी  (द) तृतीया 

अब आप इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिये निम्नलिखित " राजन् " शब्द के शब्दरूप याद करने बहुत ही जरूरी है | 

विभक्ति     एकवचनम्    द्विवचनम्    बहुवचनम् 

प्रथमा         राजा           राजानौ      राजान: 

द्वितीया       राजानम्      राजानौ      राज्ञ: 

तृतीया         राज्ञा           राजभ्याम्   राजभि: 

चतुर्थी         राज्ञे             राजभ्याम्   राजभ्य: 

पञ्चमी       राज्ञ:            राजभ्याम्   राजभ्य:

षष्ठी           राज्ञ:             राज्ञो:         राज्ञाम्

सप्तमी       राजनि          राज्ञो :         राजसु

संबोधन      हे राजन् !     हे राजानौ !  हे राजान: ! 


Sunday, 6 November 2022

Sanskrit Syllabus Class IX 2022-23 ( II Term )

 पाठ्यक्रम ( syllabus ) 2022-23 

     Class - IX ( Sanskrit Cod - 122 )

                  ( Second Term ) 

                      व्याकरणम्   

01. संधि : 

    व्यञ्जन संधि: - जशत्व संधि: ,  " म् " स्थाने अनुस्वार: | 

     विसर्ग संधि: - उत्व संधि: , रत्व संधि: | 

02. प्रत्यया: - क्तवतु , शतृ , शानच्  | 

03. शब्दरूपाणि :

राजन् , भवत् , विद्वस् , गुणिन् , अस्मद् , युष्मद् , तत् , इदम् , किम् ( त्रिषु लिंगेषु ) 

04. धातुरूपाणि : - दा , क्री , श्रु , पा , सेव् , लभ् | 

05. कारक - उपपद - विभक्तय:

        पञ्चमी : - विना , बहि , भी , रक्ष् , ऋते | 

        षष्ठी : - उपरि , अध: , पुरत: , पृष्टतः , निर्धारणे | 

        सप्तमी : - स्निह् , निपुण , विश्वस् , पटु | 

06. उपसर्गा: - नि , अधि , अपि , अति , सु , उत् , अभि , प्रति , परि , उप | 

                         ( लेखनकौशल ) 

07. पत्र लेखनम् : - विना रिक्तस्थान सहायतया अनौपचारिकं पत्र लेखनं | 

08. संख्या : - 01 - 100 पर्यन्तम् अंकानां शब्देषु लेखनं | 

           Click here :- हिंदी से संस्कृत में अनुवाद का वीडियो मिलेगा | 

09. अनुच्छेद लेखनम् |

10. चित्रवर्णनम् | 

11. अनुवाद: | 

12. अपठित अवबोधनम् | 

            ( पाठा: )

13. नवम: पाठ: - सिकतासेतु: | 

14. दशम: पाठ: - जटायो: शौर्यम् |

15. एकादश पाठ: - पर्यावरणम् | 

16. द्वादशपाठ: - वाङ्मन: प्राणस्वरूपम् | 

** प्रश्न निर्माण | 

** विलोम पदानि |

** पर्याय पदानि | 


विद्या आधारित श्लोक

            विद्या आधारित श्लोक   संस्कृत में बहुत से विद्या आधारित श्लोकों का संकलन उपलब्ध है उन्हीं में से कुछ विद्या आधारित श्लोकों का हि...